ड्राफ़्ट: डॉ. अमित शाह की समीक्षा बाकी है।
बुनियादी बातें
- पहले 6 महीने सिर्फ़ माँ का दूध: पानी, घुट्टी या शहद नहीं
- दिन में 8 से 12 बार दूध; पहले हफ़्ते के बाद रोज़ 6 या ज़्यादा गीले नैपी
- नाल को साफ़ और सूख ा रखें; तेल, पाउडर या कुछ भी न लगाएँ
- आँखों में काजल न लगाएँ
- जन्म के टीके: BCG, OPV और हेपेटाइटिस B। अगले 6 हफ़्ते पर
डॉक्टर को दिखाएँ अगर
- पहले 24 घंटे में, या हथेली-तलवों पर पीलापन, या 2 हफ़्ते से ज़्यादा
- 2 हफ़्ते की जाँच तक वज़न न बढ़ना
- नाल के आसपास लाली या मवाद
तुरंत अस्पताल जाएँ या 108 पर कॉल करें अगर:
- दूध न खींचना या ठीक से न पीना
- बुखार, या शरीर ठंडा लगना
- तेज़ साँस या साँस लेते समय छाती अंदर धँसना
- झटके, नीले होंठ, या बहुत ढीला और सुस्त होना
क्लिनिक में
हर विज़िट पर बच्चे का वज़न और लंबाई नापी जाती है, दूध पिलाने की समीक्षा होती है और अगले टीके तय होते हैं। जन्म वाले अस्पताल का डिस्चार्ज कार्ड साथ लाएँ।